The 5-member committee of doctors have prepared an action plan to prepare for stage 3 outbreak of COVID-19 cases in Delhi: CM Kejriwal

  • We are currently prepared to deal with 100 daily positive cases, increasing capacity to 1000 daily cases: CM Kejriwal
  • Food to be provided in 325 Delhi govt schools from today for 2 lakh people, 4 lakh from tomorrow: CM Kejriwal
  • I want to assure the CMs of all other states, we are taking care of everyone living in Delhi: CM


New Delhi: Addressing a digital press conference Delhi Chief Minister Mr Arvind Kejriwal on Friday said that from today 325 Delhi government schools will be used to provide free food to the homeless and needy people. He also said that the Delhi govt is now feeding nearly 20,000 people daily, from tomorrow we will be feeding 4 lakh. Mr Kejriwal also said that the Delhi Govt had set up a team of 5 doctors to work out a plan to tackle the Coronavirus outbreak. He informed that the team of doctors has submitted a detailed SOP on the issue and the government is fully prepared to deal with up to 100 patients per day and are preparing for 1000 positive cases daily in future. The Chief Minister of Delhi said that coronavirus cases have gone up to 39 on Friday, out of which 29 had come from outside and were kept in quarantine and 10 are cases of local transmission.

He said, “Till yesterday, there were only 36 COVID-19 cases in Delhi. Today, 3 more cases have been confirmed which has totaled the cases to 39. Out of these 29 cases had a travel history and 10 are via local transmission.”

“The situation is under control right now, since there is a maximum increase of 3-4 cases per day, and there were also days when no new cases were registered. But the situation of other nations, such as the USA and UK is deteriorating. If the same happens in India, are we ready for that?” he added.

CM Kejriwal said, “I had formed a team of five doctors under the chairmanship of Dr. Sareen, who is the head of ILBS hospital. The team has done brilliant work and submitted its report yesterday, including a comprehensive plan of action on the preparations done in the wake of the surge in COVID-19 cases in Delhi. They differentiated the action plan into three stages, first is what can be done if we get 100 new cases everyday, second is what can be done if we get 500 new cases everyday, and third is what can be done if we get 1000 new cases everyday.”

“If we get 100 new cases everyday, the current healthcare system that we have is enough to treat the surge. For that, a detailed plan has been created to see how many isolation beds, ventilators, ICU beds, testing mechanisms and strength, ambulances, medical staff such as doctors and nurses, under each head of 100, 500, and 1000 new cases everyday. They have also mapped a mechanism on which private hospitals to include in case of the surge, where the ambulances, ventilators and other resources will come from, etc. We will start implementing all these plans of action once the cases rise from 100 per day. We have a detailed plan of treating upto 1000 new cases per day. But, I hope that we never reach this stage and I hope and pray that the rise in 4-5 new cases will also decrease in the future,” said CM Kejriwal.

For the poorest sections of the society, the Delhi government is providing free ration to the people. Those who do not have ration cards, are being fed meals by the Delhi government in 224 night shelters. “We were feeding nearly 20000 people per day through these night shelters until now, but we also observed that the number of people was rising. I noticed some videos on the social media of people who could not get meals,” added the CM.

Considering this, the Delhi government has decided to provide lunch and dinner facilities at 325 schools across Delhi. Every school shall be able to feed around 500 beneficiaries each day and each night. The government has also increased the supply of meals in the existing night shelters from today. The strength of the people being fed shall increase from 20000 per day to 2,00,000 per day, which will increase to 4,00,000 from tomorrow.

“I have also instructed the MLAs to ensure that no one in their constituency suffers from hunger. They should collaborate with the society and provide food to all,” said the CM.

CM Kejriwal requested the public to maintain social distancing at the centres that are providing food to the beneficiaries. He asserted that the lockdown will bear no results if people do not indulge in social distancing. “I have seen media stories on our night shelters, and how beneficiaries are made to maintain a considerable distance from each other,” he added.

CM Kejriwal said, “Many social and religious organisations have come forward to help, including ISKCON, Radha Soami, gurudwara organisations, and many other organisations are helping the government and also providing food in their personal capacity. My heartiest thanks to all of them on behalf of the people.”

“Shri Hemant Suren, Hon’ble CM of Jharkhand, and Smt. Mamata Banerjee, Hon’ble CM of Bengal had requested me to take care of people belonging to their states and residing in Delhi. I want to tell them that whosoever is living in Delhi is our responsibility. They may be from Jharkhand, Uttar Pradesh, Bihar, Tamil Nadu, or Kerala, but if they are living in Delhi, they belong to us. Delhi is the capital of India. All people migrate to Delhi in search of a better life. I want to assure the chief ministers of other states that we will try to ease the difficulties of all the people living in Delhi,” he added.

दिल्ली में प्रतिदिन कोरोना के सौ नए मरीज के लिए पुख्ता इंतजाम, इस क्षमता को एक हजार करने की तैयारी हम कर रहे – अरविंद केजरीवाल

  • डाॅ. सरीन कमेटी ने रिपोर्ट सौंपी, कोरोना के स्टेज तीन का एक्शन प्लान तैयार, फिर भी भगवान न करें ऐसी हालत आए – अरविंद केजरीवाल
  • आज से 2 लाख गरीबों को खाना खिलाएगी दिल्ली सरकार, कल से 4 लाख गरीबों को प्रतिदिन खिलाएंगे खाना – अरविंद केजरीवाल
  • अभी दिल्ली सरकार प्रतिदिन 224 रैन बसेरों में 20 हजार लोगों खाना खिला रही थी, अब सामाजिक दूरी का पालन कराते हुए 325 स्कूलों में 500-500 लोगों को खाना खिलाने की व्यवस्था – अरविंद केजरीवाल
  • झारंखड, बंगाल, यूपी व बिहार समेत सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को चिंता करने की जरूरत नहीं, दिल्ली में रह रहा हर व्यक्ति मेरा अपना है, किसी को भूखे नहीं सोने देंगे – अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली, 27 मार्च, 2020

दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने कोरोना के प्रकोप को नियंत्रित करने के साथ लाॅक डाउन से प्रभावित गरीब परिवारों को दो वक्त की रोटी मुहैया कराने के लिए शुक्रवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। मुख्यमत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस वार्ता कर बताया कि अभी तक दिल्ली सरकार 20 हजार लोगों को प्रतिदिन दोपहर और रात में खाना खिला रही थी, लेकिन अब 2 लाख लोगों को खाना खिलाया जाएगा। इसके लिए 325 स्कूलों में खाना खिलाने की व्यवस्था की गई है। वहीं, 28 मार्च से 4 लाख लोगों को प्रतिदिन खाना खिलाया जाएगा। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने झारखंड, बंगाल, यूपी, बिहार समेत सभी प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों को आश्वासन दिया है कि वे चिंता न करें। दिल्ली की सीमा में रहने वाला हर व्यक्ति मेरा अपना है और हम किसी को भूखे नहीं सोने देंगे। वहीं, कोरोना के केस बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए बनाई गई डाॅ. सरीन की टीम ने अपनी रिपोर्ट दिल्ली सरकार को दे दी है। मुख्यमंत्री का कहना है कि दिल्ली में अगर 1000 केस प्रतिदिन आते हैं, तो उसकी व्यवस्था की जा रही है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 26 मार्च तक दिल्ली में 35 केस थे और 27 मार्च को 3 केस और बढ़ गए हैं। अब दिल्ली में कुल 3़9 केस हो चुके हैं। इन 39 केस में से 29 केस विदेश से आए हुए यात्रियों के हैं, जिन्हें क्वारंटाइन के लिए रखा गया था और उसमें से सामने आए हैं। वहीं, 10 केस उन लोगों से स्थानीय स्तर पर संक्रमण होने से हुए हैं। दिल्ली में अभी तक स्थिति नियंत्रण में है। एक दिन में तीन-चार केस बढ़ रहे हैं। बीच में एक-दो दिन एक भी केस नहीं बढ़े हैं। वहीं, दूसरे देशों का हाल बुरा है। यहां तक कि अमेरिका, इंग्लैंड और यूके में भी इस समय बुरा हाल है।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर कोरोना के केस बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं, तो क्या हम उसके लिए तैयार हैं? इसकी तैयारियों के लिए मैंने आईएलबीएल के प्रमुख डाॅ. सरीन की अध्यक्षता में पांच डाॅक्टरों की टीम बनाई थी। उनकी टीम ने बहुत शानदार काम किया है। टीम ने सभी तैयारियों का प्लान बना कर रिपोर्ट सौंप दी है। आने वाले दिनों में दिल्ली के अंदर कोरोना के केस बहुत ज्यादा बढ़ गए, तो हमें क्या-क्या तैयारियां करनी है, इसे डाॅ. सरीन की टीम ने तीन स्टेज में बांटा है। एक, अगर प्रतिदिन 100 से कम केस कोरोना के आते हैं, तो हमें क्या तैयारियां करनी है। दूसरा, अगर 500 केस प्रतिदिन आते हैं, तो हमें क्या तैयारियां करनी है? तीसरा, अगर प्रतिदिन 1000 केस कोरोना के आते हैं, तो हमें क्या तैयारियां करनी होगी?

पांच डाॅक्टरों की टीम से मिली रिपोर्ट के मुताबिक सरकार कर रही तैयारी- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अगर अभी 100 से कम केस प्रतिदिन आते हैं, तो आज हमारे पास काफी पर्याप्त है। इसे हमने चार-पांच चीजों में देखा है। अगर हमारे पास 100 केस आते हैं तो आइसोलेशन बेड की कितनी जरूरत पड़ेगी। 500 और 1000 हजार होते हैं तो आइसोलेशन बेड की कितनी जरूरत पड़ेगी। दूसरा, यदि 100 केस होते हैं, तो कितने वेंटिलेटर की जरूरत पड़ेगी। 500 और 1000 हजार केस प्रतिदिन आते हैं, तो कितने वेंटिलेंटर की जरूर पड़ेगी। इसके साथ हर स्टेज पर कितने आईसीयू बेड की जरूरत पड़ेगी। कितने टेस्टिंग क्षमता की जरूरत पड़ेगी। यदि 100 केस प्रतिदिन आते हैं, तो कितने टेस्ट की जरूरत पड़ सकती है। उस दौरान फैले हुए लोगों, संपर्क में आए लोगों और संक्रमित लोगों के कितने टेस्ट की जरूरत पड़ेगी। इसी तरह 500 केस आते हैं, तो कितने टेस्ट की जरूरत पड़ेगी। इस दौरान 100, 500 व 1000 केस पर कितने एंबुलेंस की जरूरत पड़ेगी। कितने डाॅक्टर और नर्स की जरूरत पड़ेगी। यह डाॅक्टर और नर्स कहां से आएंगे और कहां पर रहेंगे। डाॅक्टर सरीन की टीम ने इसकी विस्तार से योजना बनाई है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 100 केस तक की हमारी तैयारी है। वहीं, 100 से अधिक केस बढ़ती है, तो कुछ अस्पतालों में और तैयारियां करनी होगी। इस दौरान कुछ प्राइवेट अस्पतालों को इसमें शामिल करना होगा। 100 से अधिक केस बढ़ते ही हम डाॅ. सरीन की रिपोर्ट के मुताबिक व्यवस्थाएं करना शुरू कर देंगे। हमारी पूरी योजना अब तैयार हो गई है कि 100 से अधिक केस बढ़ने पर हमें क्या कदम उठाने होंगे। अब जो भी कमियां हमें नजर आ रही है, उस पर ध्यान दे रहे हैं। मसलन, 100 से बढ़ कर 500 मरीज हो गए तो वेंटिलेटर कम पड़ जाएंगे। इसकी हम तैयारी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि दिल्ली में 1000 मरीज प्रतिदिन बढ़ जाते हैं, तो उसकी सारी तैयारी हम कर के चल रहे हैं। भगवान करे कि ऐसी स्थिति न आए। मुझे उम्मीद है कि ऐसी स्थिति नहीं आएगी। आज जो 3 या 4 मरीज बढ़ रहे हैं, वह भी आने वाले समय में कम होने चाहिए। यह लाॅक डाउन इसे कम करने के लिए किया गया है और अगर मरीज बढ़ते भी हैं, तो हम उसकी तैयारी कर रहे हैं।

224 रैन बसेरों के साथ अब 325 स्कूलों में भी मिलेगा दोपहर और रात में मुफ्त भोजन – अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हम एक तरफ दिल्ली में रहने वाले गरीब तबके के लोगों को राशन दे रहे हैं, लेकिन जिन लोगों के पास राशन नहीं है। जिनके पास बिल्कुल खाने के लिए कुछ नहीं है और उनके घर में चूल्हा जलना बंद हो गया है। ऐसे लोगों को सरकार खाना बना कर खिला रही है। अभी तक हम प्रतिदिन 20 हजार लोगों को रैन बसेरों में खाना बना कर खिला रहे हैं। दिल्ली सरकार के कुल 224 रैन बसेरे चल रहे हैं। हमने पाया है कि यह रैन बसेरे कम पड़ रहे हैं। प्रतिदिन खाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। कई स्थानों से खबर आ रही थी कि वहां लोग भूखे हैं। मैंने कई वीडियो भी देखी है, जिसमें लोगों ने बताया है कि वे भूखे हैं और खाने के लिए खाना नहीं है। इसको दिल्ली सरकार ने बहुत बड़े स्तर पर बढ़ाने का फैसला किया है। अब हम आज से 325 स्कूलों के अंदर दोपहर और रात में खाने का इंतजाम कर रहे हैं। इन 325 स्कूलों में दोपहर और रात में 500-500 लोगों के खाने का इंतजाम किया गया है। साथ ही 224 रैन बसेरों में भी खाना बढ़ाया गया है। कल तक हम प्रतिदिन 20 हजार लोगों को खाना खिला रहे थे, लेकिन अब इसे 10 गुना बढ़ा कर 2 लाख लोगों प्रतिदिन खाना खिलाएंगे। यह संख्या कल (28 मार्च) से बढ़ कर दोगुनी हो जाएगी। कल से दिल्ली सरकार 4 लाख लोगों को प्रतिदिन खाना खिलाएगी। हम केंद्रों को जगह-जगह बांट रहे हैं, ताकि लोगों को खाना खाने के लिए ज्यादा दूर तक चल कर नहीं जाना पड़े।

विधायकों को अपने क्षेत्र में भूखों को खाना खिलाना सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी, मदद करने वाली संस्थानों को धन्यवाद- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैने अपने सभी विधायकों को बोला है कि उनकी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र के अंदर समाज के लोगों के साथ मिल कर सुनिश्चित करें कि कोई भूखा न सोने पाए। इस दौरान सामाजिक दूरी भी बनी रहे, इसका अवश्य ध्यान रखना है। ऐसा न हो कि खाना तो खिला दें, लेकिन कोरोना वहीं से फैलना शुरू हो जाए। ऐसे में यह लाॅक डाउन बेकार चला जाएगा। अगर हमने इन केंद्रों पर सामाजिक दूरी को बना कर नहीं रखा और यहां से कोरोना फैलता है, तो लाॅक डाउन बेकार चला जाएगा। इसलिए हर हाल में सामाजिक दूरी बना कर रखनी है। मैं देख रहा था कि रैन बेसेरों में बहुत अच्छा इंतजाम चल रहा है। वहां लोगों को दूर-दूर बैठा कर खाना खिलाया जा रहा है। वे मास्क भी अच्छे से पहन रहे हैं। कई सारी सामाजिक और धार्मिक संस्थाएं मदद के लिए साथ आई हैं। ईस्काॅन, राधा स्वामी और गुरूद्वारा वाले बहुत मदद कर रहे हैं। यह सरकार की भी मदद कर रहे हैं और खुद भी खाने के कई केंद्र चला रहे हैं। इसके अलावा भी कई संस्थाएं मदद कर रही हैं। इसमें से कई लोगों के नाम लेना भूल रहा हूं, तो उसके लिए माफ कीजिएगा। सभी लोगों को जनता की तरफ से मैं धन्यवाद करता हूं।

दिल्ली में रह रहे देश भर के लोग अब हमारे अपने हैं, किसी को चिंता करने की जरूरत नहीं – अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पिछले दो-तीन दिनों से झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन जी और ममता दीदी के सोशल मीडिया पर संदेश आ रहे हैं। वे कह रहे हैं कि झारखंड और बंगाल के जितने लोग दिल्ली में रह रहे हैं, उनका ख्याल रखिए। मुख्यमंत्री ने का कि दिल्ली में यूपी और बिहार के लोग भी रह रहे हैं। मैं सभी लोगों से कहना चाहता हूं कि दिल्ली की सीमाओं के अंदर जो लोग रह रहे हैं, उन सभी लोगों की जिम्मेदारी दिल्ली सरकार की है। यह सभी लोग बिहार, झारखंड, बंगाल, तमिलनाडु, केरला या कहीं के रहने वाले हों, लेकिन अब वो हमारे साथ हैं और वो अब हमारे हैं। आप सभी बिल्कुल चिंता मत कीजिए। एक-एक व्यक्ति का हम ख्याल रखेंगे। एक-दो दिन कुछ दिक्कतें आई थी, लेकिन अब किसी को खाने की दिक्कत नहीं होने देंगे। दिल्ली देश की राजधानी है और दिल्ली देश का दिल है। पूरे देश से लोग आकर यहां पर रहते हैं। मैं सभी अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और लोगों को यह आश्वासन देना चाहता हूं कि दिल्ली में जो भी रह रहे है कि उन्हें कम से कम तकलीफ हो। मैं यह नहीं कह रहा हूं कि किसी को बिल्कुल भी तकलीफ नहीं होगी। यह बहुत कठित समय है। सबको तकलीफें हो रही हैं और सब लोग तकलीफों का सामना भी कर रहे हैं। लेकिन दिल्ली सरकार अपनी तरफ से कोशिश कर रही है कि सबको कम से कम तकलीफ हो।