होम आइसोलेशन में ठीक हुए मरीजों ने कहा, अभिभावक की तरह ख्याल रखती है दिल्ली सरकार


  • मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टीम दिन में कम से कम दो बार फोन कर लेती है अपडेट, जरूरत पड़ने पर घर भी जाती है
  • कोरोना के 80 प्रतिशत मरीज बिना लक्षणों या मामूली लक्षणों वाले, इनका होम आइसोलेशन में पूरा ध्यान रखती है दिल्ली सरकार
  • सेंधा नमक से बार-बार गरारे, गर्म पानी पीने, खाने में हरी सब्जियां व फल के इस्तेमाल से तेजी से सुधरती है सेहत

नई दिल्ली, 29 मई, 2020

दिल्ली में होम आइसोलेशन में रह कर कोरोना से जंग जीत चुके लोग अब दिल्ली सरकार के मुरीद है। लोगों का कहना है कि होम आइसोलेशन के दौरान दिल्ली सरकार ने अभिभावक की तरह ध्यान रखा। मरीजों का हर पल ख्याल रखा गया। कभी महसूस ही नहीं हुआ कि घर पर रहकर कोरोना की जंग लड़ रहे, हर पल मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की टीम का साथ मिला। यह टीम कम से कम दो बार फोन कर हेल्थ का अपडेट लेती थी। साथ ही जरूरत पड़ने पर घर पर आकर जांच भी करती थी। कोरोना के जीत हासिल करने वाले लोगों का कहना है कि जिन लोगों में लक्षण नहीं दिख रहे हैं या फिर उनमें मामूली लक्षण दिख रहे हैं, ऐसे लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं है, ये होम आइसोलेशन में रह कर बड़ी आसानी से ठीक हो सकते हैं। दिल्ली सरकार हर समय साथ होती है। बशर्ते कि आप घर में रहने के दौरान दिल्ली सरकार से दिए गए दिशा-निर्देशों का ईमानदारी से शत प्रतिशत पालन करें। लोगों का कहना है कि कोरोना मरीज को दिन में गर्म पानी में सेंधा नमक डाल कर कम से कम तीन बार गरारा करना चाहिए। एक से डेढ़ लीटर गर्म पानी पीने के अलावा 4 से 5 लीटर समान्य पानी भी पीना चाहिए। खाने में हरी सब्जी और फलों का इस्तेमाल करने मरीज की सेहत बड़ी तेजी से सुधरती है और 17 दिन बाद वह होम आइसोलेशन से बाहर आ जाएंगे।

होम आइसोलेशन में रह कर ठीक हो चुके मरीजों ने मुक्तकंठ से की दिल्ली सरकार की तारीफ

केजरीवाल सरकार ने देखभाल के साथ मुझे सभी जरूरतें भी प्रदान की- राकेश कुमार प्रजापति

22 वर्षीय राकेश कुमार प्रजापति दिल्ली में राष्ट्रपति भवन के दक्षिण ब्लॉक में एक निजी गार्ड के रूप में काम करते हैं। उन्हें 3 मई को जांच रिपोर्ट में कोरोना पाॅजिटिव बताया गया। जिसके बाद उन्हें दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा 21 दिनों के लिए होम आइसोलेशन की सलाह दी गई। होम आइसोलेशन की प्रक्रिया के अपने अनुभव को साझा करते हुए राकेश ने कहा, ‘मुझे होम आइसोलेशन की सलाह दी गई थी। इस दौरान दिल्ली सरकार की मेडिकल टीम मेरे साथ नियमित संपर्क में थी। डॉक्टर ने मुझे सामान्य पानी पीने, अपने परिवार के सदस्यों से अलग रहने की सलाह दी। टीम ने मुझे एक अलग शौचालय का उपयोग करने की सलाह भी दी। डाक्टरों और मेडिकल टीम की दी गई सलाह का पालन करके मैं अब कोरोना से बिल्कुल ठीक हो चुका हूं। उन्होंने कहा, ‘मेडिलक टीम मुझे प्रतिदिन कॉल करती थी और पूछती थी कि मैं कैसे रह रहा हूं और अपने स्वास्थ्य की निगरानी कैसे कर रहा हूं। हालांकि मुझमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं था। टीम ने मेरे शरीर के तापमान की कई बार जांच की। बाद में, मेरे शरीर का तापमान कम हो गया। केजरीवाल सरकार ने मेरी देखभाल की है, मुझे राशन और सभी बुनियादी जरूरतें प्रदान की हैं। मैं उनकी सहायता के लिए उन्हें धन्यवाद देना चाहता हूं।’


दिल्ली सरकार की टीम प्रतिदिन लेती है स्वास्थ्य की जानकारी- हिमांशु आनंद

होम आइसोलेशन में रह चुके हिमांशु आनंद का कहना है कि उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति की तबीयत खराब हुई थी। 16 अप्रैल को उन्हें लेकर अस्पताल गए थे। उनकी जांच रिपोर्ट में कोरोना पाॅजिटिव निकला। इसके बाद उनकी भी जांच कराई गई, तो उनमें भी कोरोना निकला। उन्होंने बताया कि उनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं दिख रहा था। रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर उन्हें होम आइसोलेशन में रहने के लिए कहा गया। इसके बाद वह खुद को परिवार से अलग कर लिए। वह एक कमरे में ही करीब 18 दिनों तक रहे। उन्होंने बताया, ‘मेरी पत्नी मुझे घर के बाहर से ही खाना दे देती थी। मैं खाना खाने के बाद बर्तन खुद साफ करके रख लेता था। किसी को अपने पास नहीं आने देता था और न तो अपने बिस्तर के अलावा किसी वस्तु को हाथ लगाता था। इस दौरान दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की हेल्थकेयर की टीम उनसे प्रतिदिन दिन में 2 से 5 बार बात करती थी और स्वास्थ्य संबंधित जानकारी प्राप्त करती थी। टीम के सदस्य बार-बार कहते थे कि किसी तरह की कोई परेशानी हो तो तुरंत बताएं, ताकि आपको अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत होगी, तो कर दिया जाएगा। हालांकि ऐसी नौबत नहीं आई। उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार की टीम ने उनका बहुत अच्छी तरह से अभिभावक की तरह ख्याल रखा। जितनी बार हेल्थ केयर की टीम उनसे स्वास्थ्य के बारे में पूछती थी, उतनी बार तो घर के लोग भी नहीं पूछ पाते थे। दिल्ली सरकार के इस कार्य की वजह से उन्हे कभी डर नहीं लगा कि उनकी तबीयत अधिक खराब हो जाएगी, तो क्या होगा। अब वह बिल्कुल ठीक हैं और होम आइसोलेशन से बाहर हैं।’

होम आइसोलेशन के दौरान हमेशा मास्क और ग्लब्स पहन कर रखा, प्रतिदिन दो बार फोन करती थी सीएम की टीम – नदीम

पहाड़गंज में रहने वाले नदीम का कहना है कि वह 10 मई से होम आइसोलेशन से बाहर हैं। उन्हें करीब 20 दिन तक होम आइसोलेशन में रहना पड़ा। नदीम का कहना, ‘मेरे पड़ोस में एक व्यक्ति को कोरोना हो गया था। दिल्ली सरकार की मेडिकल की टीम ने उस व्यक्ति की वजह से आसपास के लोगों की भी जांच की थी। जांच रिपोर्ट में मुझे पाॅजिटिव बताया गया। इसके बाद मुझे होम आइसोलेशन में रहने का निर्देश दिया गया। मैने अपने घर के एक कमरे में खुद को अलग कर लिया। घर के लोग खिड़की के जरिए मुझे खाना देते थे। खाने का बर्तन मैं खुद साफ करता था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की निगरानी में बनी टीम मुझे प्रतिदिन कम से कम दो बार फोन करती थी। टीम के सदस्य मुझसे स्वास्थ्य के बारे में पूछते थे। सुबह-शाम खाने में हरी सब्जी और फल लेने के लिए कहा जाता था। साथ ही अधिक से अधिक समान्य पानी पीने के लिए भी कहा जाता था। मुझे एक मोबाइल नंबर दिया गया था, ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे संपर्क कर सकूं। होम आइसोलेशन के दौरान मैं कभी परिवार के संपर्क में नहीं आया। परिवार के लोगों को भी सैनिटाइजर से बार-बार हाथ साफ करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा मैं हमेशा मुंह पर मास्क हाथ में ग्लब्स पहन कर रखता था। मेरीज जांच रिपोर्ट निगेटिव आने पर करीब 20 दिन बाद मुझ होम आइसोलेशन से बाहर कर दिया गया। होम आइसोलेशन में रहने के दौरान दिल्ली सरकार की टीमों ने मेरी अच्छे तरीके से ख्याल रखा।’

दिल्ली सरकार के डाॅक्टर व स्वास्थ्य टीमें नियमित मार्ग दर्शन करती रहीं – मिथिलेश

दिल्ली सरकार द्वारा दिए गए होम आइसोलेशन के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए हाल ही में मिथिलेश ने कोरोना को मात दिया है। मिथिलेश ने कहना, डॉक्टर और स्वास्थ्य टीम मुझे नियमित रूप से सुरक्षा और स्वच्छता बनाए रखने के बारे में मार्गदर्शन करते थे। डॉक्टर भी मेरे स्वास्थ्य पर नियमित रूप से फॉलोअप लेते थे, चाहे मुझे कोई भी समस्या हो। उन्होंने कहा, जब मेरी तबीयत खराब हुई और रिपोर्ट पाॅजिटिव आई, तो मुझे सिर्फ एक पौष्टिक आहार और कुछ दवाओं के पालन की सलाह दी गई थी। मुझे लगातार गर्म खाना खाने और गर्म पानी पीने के लिए कहा गया। उन्होंने मुझे नाश्ते में प्रोटीन युक्त आहार का सेवन करने को कहा।’ मुझे देखभाल करने वाले से भी सोशल डिस्टेसिंग के सभी मानदंडों का पालन कराया गया और सभी आवश्यक सुरक्षात्मक उपकरण पहन कर रखती थी। टीमें भी यह सुनिश्चित करती थी कि मैं नियमित रूप से मास्क, सैनिटाइजर और पीपीई का उपयोग करूं।’

हल्के लक्षण मिलने पर होम आइसोलेशन सबसे अच्छा तरीका- मीना

मीना एक आशा कार्यकर्ता और कोविड योद्धा है। लाॅकडाउन में लोगों की सेवा करने के दौरान उन्हें 3 मई को जांच रिपोर्ट में कोरोना पाॅजिटिव बताया गया। इसके बाद वह होम आइसोलेशन में रहीं और इस दौरान पूरी सहायता प्रदान करने के लिए दिल्ली सरकार की शुक्रगुजार हैं। उन्होंने कहा, मुझे दिन में दो बार सीएम की स्वास्थ्य टीम से नियमित कॉल आती थी, जिसमें वे किसी भी लक्षण और मेरे स्वास्थ्य से संबंधित सवाल पूछते थे। मुझे दिल्ली सरकार की ओर से स्वच्छता और होम आइसोलेशन को लेकर नियमित रूप से दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा, ‘चूंकि मैं एक आशा कार्यकर्ता हूं, इसलिए लोेगों को जागरूक करना मेरा कर्तव्य है कि कोरोना के उपचार में होम आइसोलेशन कितना प्रभावी है। होम आइसोलेशन में रह कर मैं अब ठीक हो गई हूं, लेकिन मैं लोगों को बताना चाहती हूं कि यदि आप संक्रमित हैं तो भी घबराएं। आपके घर पर रह कर इसका इलाज कर सकते हैं। चूंकि वायरस का अभी कोई टीका नहीं है, इसलिए हल्के या कोई लक्षण नहीं होने की स्थिति में होम आइसोलेशन प्रोटोकॉल का पालन करना सबसे अच्छा तरीका है। उन्होंने कहा कि मैं पूरी तरह से ठीक होने के बाद अपनी ड्यूटी फिर से शुरू करूंगी।


प्रतिदिन पौष्टिक व ताजा खाया, कोई भी दवा नहीं ली, साथ खड़ी थी सीएम की टीम – मोहम्मद रजा

मोहम्मद रजा का कहना है कि कोरोना के केस बढ़ने पर उनके मोहल्ले में अस्पताल से जांच करने के लिए एक टीम आई थी। उन्होंने भी जांच के लिए अपना सैंपल दे दिया था। दो दिन बाद रिपोर्ट आई तो उन्हें कोरोना पाॅजिटिव बताया गया। हालांकि उनमें उन्हें बुखार, खांसी या अन्य कोई लक्षण नहीं दिखा था। फिर भी रिपोर्ट पाॅजिटिव आने पर पहले वे घबरा गए, लेकिन डाॅक्टरों ने उन्हें समझाया और होम आइसोलेशन की पूरी प्रक्रिया बताई। डाॅक्टरों के बताने के अनुसार, उन्होंने घर में खुद को अपने परिवार से अलग कर लिया। घर का एक सदस्य उन्हें खाना देता था। वह खाने के बर्तन खुद साफ करके अपने कमरे में ही रख लेते थे। वे सुबह उठने के बाद गर्म पानी में सेंधा नमक डाल कर गरारे करते थे। दिन में तीन बार गरारे कर रहे थे। इसके बाद एक से डेढ़ लीटर गर्म पानी पीते थे और 4 से 5 लीटर समान्य पानी पी रहे थे। खाने में हरी सब्जी प्रतिदिन लिए और फल भी लिए। प्रतिदिन ताजा ही खाने का सेवन करते थे और कोई भी दवा नहीं ली। वह करीब 20 दिन तक होम आइसोलेशन में रहे, लेकिन एक दिन भी उन्हें छींक तक नहीं आई और 20 मई से वह होम आइसोलेशन से बाहर हो गए हैं। इस दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की डाक्टरों की टीम सदा साथ रही।