प्रवासी मजदूर पैदल यात्रा न करें, सभी के लिए निशुल्क रेलयात्रा की व्यवस्था : उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया


  • जिन लोगों ने पंजीकरण कराया है, सभी को दिल्ली सरकार ट्रेन से घर भेजने का इंतजाम कर रही- मनीष सिसोदिया
  • – आज 18 ट्रेनों की मदद से 30 हजार प्रवासी श्रमिकों को घर भेजा गया, 11 ट्रेन बिहार व 6 ट्रेन उत्तर प्रदेश भेजी गई- मनीष सिसोदिया
  • – अब तक दिल्ली सरकार 2,71,169 लोगों को उनके घर भेज चुकी है, जिसमें सबसे ज्यादा यूपी और बिहार के लोग शामिल थे – मनीष सिसोदिया
  • – मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की देखरेख में रखा जा रहा है सबकी जरूरतों का ख्याल : मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने प्रवासी मजदूरों से पैदल यात्रा न करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि सबकी निशुल्क रेलयात्रा का प्रबंध दिल्ली सरकार ने किया है। सात मई से 25 मई तक 196 ट्रेनों से 2,41,169 लोगों को उनके घर भेजा गया है। इनमें सर्वाधिक बिहार के 1,25,711 लोग हैं, जबकि यूपी के 96,610 मजदूर हैं। इसके साथ ही, झारखंड के 3132, पश्चिम बंगाल के 3864, मध्यप्रदेश के 9196 प्रवासी श्रमिकों को भेजा गया है। आज भी 18 ट्रेन से 30,000 लोगों को भेजा गया है। इनमें 11 ट्रेनें बिहार तथा 6 ट्रेनें यूपी भेजी गई हैं।
श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि लाॅकडाउन के कारण दिहाड़ी मजदूरों और गरीबों का ज्यादा नुकसान नहीं हो, इसके लिए दिल्ली सरकार ने कई ठोस कदम उठाए हैं। प्रत्येक गतिविधि पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल स्वयं लगातार नजर रख रहे हैं। श्री केजरीवाल ने पहले ही कह दिया था कि जो प्रवासी मजदूर दिल्ली में हैं, वे भी दिल्ली के ही लोग हैं, दिल्ली ही उनका घर है। उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है। हमने सबका इंतजाम किया है। इसके बावजूद काम बंद होने और घर-परिवार की चिंता या अन्य कारणों से बहुत से लोग अपने गांव लौटने लगे। यहां तक कि बहुत से लोग पैदल जाने को मजबूर हुए। इस बीच रेलयात्रा प्रारंभ होने पर हमने सबको निशुल्क भेजने का इंतजाम किया।
श्री सिसोदिया ने कहा कि पंजीकृत प्रवासी मजदूरों को किसी स्कूल में स्थित राहत शिविर में बुलाकर सबकी स्क्रीनिंग की जाती है। टेंपरेचर और अन्य स्वास्थ्य जांच के बाद यात्रा के लिए उपयुक्त लोगों को बस से स्टेशन भेजा जाता है। सबको रास्ते के लिए पानी बोतल, केक, केला, ड्राई फ्रूट इत्यादि खाद्य सामग्री दी जाती है। गर्मी में खराब होने के भय से पका हुआ भोजन नहीं दिया जाता है। किसी मजदूर को टिकट के पैसे नहीं देने पड़ते हैं। सबको अच्छी तरह उनके घर भेजा जाता है। श्री सिसोदिया ने अपील की है कि कोई भी मजदूर पैदल या अन्य तरीकों से जाने की कोशिश न करे। जिनका भी पंजीयन हुआ है, सबको भेजने का इंतजाम किया जा रहा है।
श्री सिसोदिया के अनुसार, दिल्ली में लगभग 2500 राहत शिविर चल रहे हैं। इनमें दस लाख लोगों को भोजन कराया जा रहा था, हालांकि अभी इस संख्या में कुछ कमी आई है। लगभग 72 लाख परिवारों को पीडीएस राशन और 38 लाख परिवारों को नॉन-पीडीएस राशन दिया जा रहा है।
श्री सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली वासियों तथा प्रवासियों, किसी पर भी लाॅकडाउन के कारण ज्यादा आर्थिक दबाव न आए, इसके लिए आम आदमी पार्टी की सरकार हर संभव कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री  श्री अरविंद केजरीवाल हर गतिविधि, हर योजना और हर डाटा पर लगातार नजर रखकर इन्हें बखूबी लागू करने के निर्देश दे रहे हैं।