दिल्ली में 17 मई के बाद लाॅकडाउन के स्वरूप पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मांगा जनता से सुझाव


  • प्रधानमंत्री जी ने 15 मई तक सभी मुख्यमंत्रियों से सुझाव मांगे- अरविंद केजरीवाल
  • दिल्ली के लोग दिल्ली सरकार को दें सुझाव, वे किन-किन क्षेत्रों में लाॅकडाउन में कितनी ढिलाई चाहते हैं- अरविंद केजरीवाल
  • फोन नंबर 1031, वाट्सऐप नंबर 8800007722 और ई-मेल delhicm.suggestions@gmail.com पर दे सकते हैं सुझाव- अरविंद केजरीवाल
  • 13 मई की शाम 5 बजे तक मिले सुझाव को लेकर विशेषज्ञों व डाॅक्टरों से बातचीत कर 15 मई को केंद्र सरकार को सौंप देंगे दिल्ली वालों का सुझाव- अरविंद केजरीवाल
  • कोरोना के कारण जान गंवाने वाली स्कूल टीचर के परिवार को देंगे एक करोड़ की सम्मान राशि- अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली, 12 मई, 2020

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के लोगों से 17 मई के बाद लाॅकडाउन के स्वरूप पर सुझाव मांगा है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर कहा कि प्रधानमंत्री जी ने 17 मई के बाद लाॅकडाउन में ढिलाई देने को लेकर मुख्यमंत्रियों से 15 मई तक सुझाव मांगा है। दिल्ली के लोग किन-किन क्षेत्रों में कितनी ढिलाई चाहते हैं? इस पर वे 13 मई की शाम 5 बजे तक अपने सुझाव दे सकते हैं। दिल्ली के लोग फोन नंबर 1031 पर अपने सुझाव रिकाॅर्ड करा सकते हैं। वाट्सऐप नंबर 8800007722 पर सुझाव भेज सकते हैं या delhicm.suggestions@gmail.com पर सुझाव ईमेल कर सकते हैं। वहीं, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के चलते टीचर श्रीमती बैकाली सरकार के देहांत पर गहरा दुख व्यक्त किया है और उनके परिवार को 1 करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की है।

जनता और विशेषज्ञों से मिले सुझाव का प्रस्ताव बना कर केंद्र सरकार को भेजेंगे- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि तीसरा लाॅकडाउन 17 मई तक है। 17 मई के बाद क्या करना चाहिए? इस पर कल (11 मई) प्रधानमंत्री जी ने देश के सभी मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा की थी। प्रधानमंत्री जी ने चर्चा के बाद कहा कि कौन सा राज्य क्या चाहता है। आप लाॅकडाउन में कितनी ढीलाई चाहते हैं और क्या-क्या चीजें चालू करना चाहते हैं? प्रधानमंत्री ने कहा कि सभी राज्य 15 मई तक अपने सुझाव भेज दीजिए और उन सुझावों के उपर केंद्र सरकार निर्णय लेगी कि 17 मई के बाद क्या किया जाए।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैं अपने दिल्ली के लोगों से आज सुझाव मांगना चाहता हूं। जाहिर सी बात है कि अभी भी कोरोना फैला हुआ है और लाॅकडाउन को पूरी तरह से खत्म नहीं किया जा सकता है। क्या लाॅकडाउन में ढिलाई दी जानी चाहिए? अगर ढिलाई दी जानी चाहिए, तो कितनी दी जानी चाहिए? किस-किस क्षेत्र में ढिलाई दी जानी चाहिए? क्या बसें चालू होनी चाहिए? क्या मेट्रो चालू होनी चाहिए? क्या आॅटो व टैक्सी चालू होने चाहिए? क्या स्कूल और मार्केट खुलने चाहिए? इंडस्ट्रीयल एरिया खुलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि क्या-क्या चीजें खुलनी चाहिए और क्या-क्या चीजें नहीं खुलनी चाहिए? निश्चित रूप से इस दौरान सोशली डिस्टेंसिंग का कड़ाई से पालन किया जाएगा। सबके लिए मास्क पहनना अनिवार्य होगा। एक तरफ, हमें सबसे पहले कोरोना से अपनी सेहत को बचाना है और दूसरी तरफ, अर्थव्यवस्था की भी सेहत बना कर रखनी है, क्योंकि लाॅकडाउन की वजह से अभी काफी लोगों को बहुत सारी तकलीफें हो रही हैं।
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने लाॅकडाउन में ढील को लेकर दिल्ली के लोगों से सुझाव मांगा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे आप लोग कल (13 मई) शाम 5 बजे तक अपने-अपने सुझाव भेज दें। मैं जनता का सुझाव लेने के साथ विशेषज्ञों और डाॅक्टरों से भी बात करूंगा।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने यह स्पष्ट किया कि मांगे जा रहे सुझाव कोई वोटिंग नहीं है कि किस सुझाव को कितने वोट मिले हैं। यह सिर्फ आप सभी के विचार हैं कि आपको क्या लग रहा है? आपको क्या लगता है कि कितनी ढीलाई दी जानी चाहिए? ढीलाई दी जानी चाहिए भी या नहीं दी जानी चाहिए। जो भी अच्छे सुझाव आएंगे, उस पर विशेषज्ञों और लोगों से बात कर हम दिल्ली वालों की तरफ से एक प्रस्ताव बना लेंगे और हम परसों अपना प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेज देंगे।

दिल्ली निवासी इन माध्यमों के जरिए दे सकते हैं अपने सुझाव- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली निवासी हमें इन माध्यमों के जरिए अपने सुझाव भेज सकते हैं। पहला, 1031 फोन नंबर है। इस पर आप फोन करके अपने सुझाव को रिकाॅर्ड करा सकते हैं। दूसरा, वाट्सऐप के जरिए भी आप अपने सुझाव भेज सकते हैं। वाट्सऐप नंबर 8800007722 है। तीसरा, आप ई-मेल भी कर सकते हैं। ई-मेल एड्रेस delhicm.suggestions@gmail.com है। हमें आपके सुझावों का इंतजार रहेगा। आप को क्या लगता है, इस पर आप हमें अपने अच्छे- अच्छे सुझाव भेजिए। आप सभी के सुझावों के आधार पर विशेषज्ञों से बात करने के बाद हम परसों तक दिल्ली वालों का प्रस्ताव बना कर केंद्र सरकार को भेज देंगे। इसके बाद केंद्र सरकार तय करेगी कि 17 मई के बाद लाॅकडाउन रहेगा या नहीं रहेगा और रहेगा तो किस-किस क्षेत्र में रहेगा?

कोरोना से हुई टीचर की मौत, परिवार को देंगे एक करोड़ की सम्मान राशि- अरविंद केजरीवाल

इससे पहले, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कोरोना महामारी के इस दौर में दिल्ली के लोगों की सेवा करते हुए टीचर श्रीमती बैकाली सरकार को कोरोना हो गया और 4 मई को उनका देहांत हो गया। श्रीमती बैकाली जी रोहिणी में रहती थीं और एमसीडी के स्कूल में कंस्ट्रैक्चुअल टीचर थीं। दिल्ली सरकार हंगर रिलीफ सेंटर में गरीबों के लिए खाना बांट रही है। ऐसे ही एक हंगर रिलीफ सेंटर में श्रीमती बैकाली जी की ड्यूटी लगी थी, जहां पर वह गरीबों को पका हुआ खाना बांट रही थीं। उनकी ड्यूटी 10 अप्रैल को लगी थी। इसके बाद 17 और 18 अप्रैल को लगी। तीनों दिन उन्होंने ड्यूटी कीं। इसके बाद उनकी ड्यूटी 25 अप्रैल को लगी, लेकिन उस दिन वह ड्यूटी पर नहीं आईं। जानकारी करने पर पता चला कि वह बीमार हैं। उन्हें डाॅक्टर अंबेडकर अस्पताल, रोहिणी में भर्ती कराया गया। उसके बाद उन्हें राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां पर 4 मई 2020 को उनका देहांत हो गया। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि खाना बांटते समय उन्हें भी कोरोना हो गया और कोरोना की वजह से ही उनका देहांत हो गया। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे और उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दे। हम सभी देश और दिल्ली के लोगों को अपने ऐसे कोरोना योद्धाओं पर गर्व हैं, जो अपनी जान जोखिम में डाल कर समाज की सेवा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बैकाली जी के परिवार को दिल्ली सरकार की तरफ से एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। उनकी जान की कोई कीमत नहीं है। अपने घर का कोई व्यक्ति चला जाता है, तो उसकी जान की कोई कीमत नहीं होती है। फिर भी उनके जाने के बाद उनके परिवार की मदद के लिए दिल्ली सरकार एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देकर मदद करेगी।

कंस्ट्रक्शन मजदूरों के खाते में फिर भेजी जा रही सहायता राशि- अरविंद केजरीवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में कई कंस्ट्रक्शन साइटों पर काम करने वाले काफी गरीब मजदूर हैं। कोरोना की सबसे बड़ी मार इन गरीबों को ही पड़ रही है। पिछले महीने दिल्ली सरकार ने कंस्ट्रक्शन मजदूरों की मदद के लिए उनके बैंक खाते में 5-5 हजार रुपये डाले थे। इस महीने एक बार फिर उनकी मदद के लिए हम लोग उनके खाते में 5-5 हजार रुपये और डलवा रहे हैं। कुछ लोगों के खाते में पैसे भेजे जा चुके हैं और जो बचे हुए हैं, उन्हें भी जल्द मिल जाएगा।