दिल्ली में लाॅकडाउन के स्वरूप पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से मांगे गए सुझाव पर जनता का मिला जबर्दस्त रिस्पांस


  • वाट्सएप, ई मेल, फोन और चेंज डाँट आर्ग के माध्यम से 548700 से ज्यादा सुझाव मिले
  • लोगों ने परिवहन, बिजनेस, स्कूल-काँलेज और इंडस्ट्री समेत कई मुद्दों पर दिए महत्वपूर्ण सुझाव
  • जनता से मिले सुझाव को 15 मई को दिल्ली सरकार केंद्र सरकार के पास भेज देगी

नई दिल्ली, 12 मई, 2020

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से दिल्ली के लोगों से 17 मई के बाद लाॅकडाउन के स्वरूप पर मांगे गए सुझाव पर जनता की ओर से जबर्दस्त रिस्पांस मिला है। वाट्सएप पर, 4,76,000, ई मेल पर 10,700, फोन पर 39,000 और चेंज डाँट आर्ग पर 22,700 सुझाव जनता ने भेजे हैं। जिसमें जनता ने 17 मई के बाद परिवहन, बिजनेस, स्कूल-काँलेज और इंडस्ट्री समेत विभिन्न मुद्दों पर अपना महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। जनता से मिले सुझाव के आधार पर 15 मई को दिल्ली सरकार रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार के पास भेज देगी।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने डिजिटल प्रेस कांफ्रेंस कर कहा था कि प्रधानमंत्री जी ने 17 मई के बाद लाॅकडाउन में ढिलाई देने को लेकर मुख्यमंत्रियों से 15 मई तक सुझाव मांगा है। दिल्ली के लोग किन-किन क्षेत्रों में कितनी ढिलाई चाहते हैं? इस पर वे 13 मई की शाम 5 बजे तक अपने सुझाव दे सकते थे। इसके लिए फोन नंबर 1031, वाट्सऐप नंबर 8800007722 और delhicm.suggestions@gmail.com ईमेल पर सुझाव मांगा गया। जिसपर जनता के जबर्दस्त रिस्पांस मिला। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि मैं अपने दिल्ली के लोगों का सुझाव जानना चाहता हूं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि क्या-क्या चीजें खुलनी चाहिए और क्या-क्या चीजें नहीं खुलनी चाहिए? इसके बारे में लोग बताए।

लोगों की तरफ से कई मुद्दों पर अपनी राय रखी गई। जिसमें ज्यादातर लोगों ने परिवहन, बिजनेस, स्कूल-काँलेज और इंडस्ट्री को पटरी पर लाने के सुझाव दिए। लोगों ने मेट्रो, बस, टैक्सी संचालन पर अपना सुझाव दिए हैं। साथ ही बदली परिस्थिति में स्कूल-कालेज संचालन पर भी लोगों ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। लोगों ने बिजनेस को पटरी पर लागे व अर्थ-व्यवस्था को फिर से ठीक करने के लिए एमएसएमई व बिजनेस तथा इंडस्ट्री पर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। इसके अलावा भी लोगों ने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपना सुझाव दिया है। जिसपर दिल्ली सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। इसी आधार पर रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार को लाँकडाउन में ढील देने के लिए भेजा जाएगा।