ऑपरेशन शील्ड की सफलता के बाद दिल्ली सरकार ने वर्धमान अपार्टमेंट को किया डी-कंटेन


  • वर्धमान अपार्टमेंट में भी सफल हुआ ऑपरेशन शील्ड, चार सप्ताह से कोई कोराना मरीजा नहीं आया सामने, आज किया जा रहा डी-कंटेन – अरविंद केजरीवाल
  • वसुंधरा एंन्क्लेव के मनसरा अपार्टमेंट को भी ऑपरेशन शील्ड की सफलता के बाद किया गया डी-कंटेन
  • स्थानीय निवासियों के सहयोग की वजह से ऑपरेशन शील्ड में मिली सफलता- अरविंद केजरीवाल

दिलशाल गार्डन की तरह पूर्वी दिल्ली के मयूर विहार फेस वन स्थित वर्धमान अपार्टमेंट में भी ऑपरेशन शील्ड सफल हो गया है। दिल्ली सरकार ने ऑपरेशन शील्ड की सफलता के बाद वर्धमान अपार्टमेंट को कंटेन्मेंट जोन से बाहर कर दिया है। इस अपार्टमेंट को 2 अप्रैल को कंटेन्मेंट जोन घोषित किया गया था और पिछले चार सप्ताह में एक भी कोराना का नया केस सामने नहीं आया है। इसी तरह वसुंधरा एन्क्लेव के मनसरा अपार्टमेंट को भी ऑपरेशन शील्ड की सफलता के बाद डी-कंटेन कर दिया गया है। दिल्ली सरकार ने जिला प्रशासन की रिपोर्ट के बाद दोनों अपार्टमेंट को अब कंटेनमेंट जोन से बाहर करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक ट्वीट कर यह जानकारी देते हुए कहा है कि स्थानीय निवासियों के सहयोग की वजह से आॅपरेशन शील्ड सफल हुआ है।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर जानकारी दी कि कोविड-19 के प्रसार से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने दिल्ली के मयूर विहार फेस वन स्थित वर्धमान अपार्टमेंट को कंटेन्मेंट जोन घोषित किया और वहां पर ऑपरेशन शील्ड को लागू किया गया। पिछले चार हफ्तों में, इस क्षेत्र से कोरोना के एक भी केस आने की सूचना नहीं मिली है और इसलिए इस क्षेत्र को डी-कंटेन करने के लिए आज हमने फैसला किया है। यह निवासियों के सहयोग के कारण संभव हुआ है।

पूर्वी दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि वर्धमान अपार्टमेंट्स में कंटेन्मेंट जोन घोषित करने का आदेश इस तथ्य के मद्देनजर जारी किया गया था कि वर्धमान अपार्टमेंट्स एक बहुमंजिली इमारत है। इस इमारत में लोगों के प्रवेश व निकास का द्वार एक ही है। इस गेट से मरीजों के लिए समान्य सुविधाएं मुहैया कराई जाती है। साथ ही इस अपार्टमेंट के पास ही मार्केट है। लिहाजा, यहां पर कोविड-19 के स्थानीय संक्रमण की ज्यादा संभावनाओं के मद्देनजर कड़े उपाय करने आवश्यक थे।
आदेश में आगे कहा गया है कि सभी 102 फ्लैटों व घरों के डोर टू डोर सर्वे सीडीएमओ (पूर्व) कार्यालय द्वारा किए गए और 213 व्यक्तियों की कोविड-19 के लिए जांच व परीक्षण किया गया, जिसके परिणाम नकारात्मक आए थे। इसके अलावा सीडीएमओ (पूर्व) कार्यालय द्वारा 28 दिनों तक इस एरिया और आस-पास के क्षेत्रों की सघन निगरानी की गई।

आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि आगे भी चिकित्सा अधिकारी नियमित रूप से कार्रवाई जारी रखेंगे, ताकि नियत कंटेन्मेंट को निर्धारित समय में पूरा किया जा सके। साथ ही इस अपार्टमेंट में डी-कंटेन करने के बाद भी 3 मई तक लॉकडाउन का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

यह है ऑपरेशन शील्ड (SHIELD)

  • एस (S) का मतलब होता है कि जहां पर कोरोना के कुछ केस सामने आते हैं, उस एरिया को सील कर दिया जाता है। उस एरिया के लोग बाहर नहीं जा सकते हैं और बाहर से भी कोई उस एरिया में नहीं आ सकता है।
  • एच (H) का मतलब होम क्वारंटीन है। सील किए गए एरिया में रहने वाले सभी लोगों को होम क्वारंटाइन कर दिया जाता है। वे अपने घर में ही रहेंगे, बाहर नहीं निकलेंगे। एरिया के अंदर रहने वाले लोग भी अपने घरों से बाहर बिल्कुल नहीं जा सकते।
  • आई(I) आइसोलेशन एंट ट्रेसिंग से जुड़ा है। कोरोना मरीज के कॉन्टेक्ट में आए हर शख्स को ट्रेस कर आइसोलेट किया जाता है। वे कहां-कहां घूमे हैं, इसकी जानकारी सीसीटीवी व मोबाइल के जरिए पता किया जाता है। सबकी पहचान कर आइसोलेट कर दिया जाता है।
  • ई(E) का मतलब जरूरी जरूरतों की चीजों से है। जरूरी चीजों की सप्लाई पूरी करने के लि डोर टू डोर डिलीवरी की जाती है और उन एरिया में जरूरत के सामान घर तक पहुंचा दिए जाते हैं।
  • एल (L) का मतलब लोकल सैनिटाइजेशन है। पूरे एरिया को केमिकल और दवाई से सैनिटाइज कर दिया जाता है।
  • डी(D) का मतलब डोर टू डोर चेकिंग से है। जिन एरिया को सील किया जाता है, वहां पर घर-घर जाकर पूछा जाता है कि कोई बीमार तो नहीं है। किसी में कोरोना के लक्षण तो नहीं है। एक-एक घर में जाकर पूछताछ की जा ती है। जिनमें लक्षण मिलते हैं, उनको आइसोलेट कर टेस्टिंग करवाई जाती है।