एलएनजेपी पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के संदर्भ में दिल्ली सरकार का बयान


एलएनजेपी अस्पताल दिल्ली में कोविड-19 का सबसे बड़ा अस्पताल है। मरीजों के इलाज के लिए वर्तमान में इस अस्पताल में 2 हजार बेड्स कोविड समर्पित किया गया है। केंद्र सरकार के अस्पतालों और दिल्ली के दूसरे अस्पतालों में इलाज कराने आ रहे कोविड मरीजों को भी जरूरत पड़ने पर एलएनजेपी अस्पताल में रेफर किया जाता है। अब तक इस अस्पताल से 2100 से ज्यादा कोरोना मरीज स्वस्थ्य होकर अपने घर जा चुके हैं।

यह एक असाधारण स्थिति है और दिल्ली सरकार पहले दिन से ही बेहतर बुनियादी ढांचा स्थापित करने और सभी कोविड-19 रोगियों को स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने की पूरी कोशिश कर रही है। हमारे अस्पतालों के सारे फ्रंटलाइन वर्कर्स, यानी डॉक्टर्स और नर्सिंग स्टाफ, लोगों की सेवा के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। मरीजों की सेवा के प्रति समर्पित अस्पताल में तैनात कई डाॅक्टर पिछले 2 महीने से अपने घर भी नहीं गए हैं।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) एक स्वतंत्र संस्था है। एनएचआरसी की टीम ने गुरूवार को एनएलजेपी अस्पताल का दौरा भी किया था। टीम अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए की गई व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्ट दिखी थी। हम माननीय सुप्रीम कोर्ट को इस रिपोर्ट के बारे में अवगत कराएंगे।

माननीय सर्वोच्च न्यायालय भारत का सर्वोच्च न्यायालय है और हम उनकी टिप्पणियों को अत्यंत सम्मान के साथ और पूरी ईमानदारी के साथ स्वीकार करते हैं। दिल्ली सरकार सभी के लिए स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करने और कोविड-19 रोगियों को हर संभव इलाज सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्प है। इसके बावजूद भी अगर अस्पताल में कोई भी कमी हमारे सामने आती है, तो हम उन पर तुरंत कार्रवाई करेंगे।