Happiness class to be conducted at home for Delhi Govt. school kids.


  • 8 lakh students to join special classes on Happiness Curriculum and Mission Buniyaad at their homes from tomorrow.
  • Delhi Government launches “Every Home a School, Every Parent a Teacher” initiative to face the lockdown
  • Parents to receive daily briefing through audio calls on how to conduct reading, writing, maths activities and tips on Mindfulness and Empathy to do it at homes.
  • “In these turbulent times, happiness classes will be instrumental in helping us create a positive environment for our kids at home”- Dy CM Manish Sisodia.

Office of the Deputy Chief Minister,
Govt. of NCT of Delhi

New Delhi: Deputy Chief Minister and Education Minister, Shri Manish Sisodia presided over the second live session of ‘Parenting in the time of Corona’ discussing the importance of transforming homes into engaging classrooms for students with the hell of parent amidst the ongoing nationwide lockdown.

The live session included Mr. Binay Bhushan, Director, Education, Ms. Bhavna Sawnani- Mentor Teacher, Team Mission Buniyaad, Delhi Govt. school, and Ms. Neeru Puri, Happiness Mentor Teacher where they discussed how parents can aptly play the role of a teacher and mentor for their kids at home.

“Starting tomorrow, parents of students studying in classes up till Std 8. will receive audio calls (IVR) from the Education Department to guide them through as to how to take on the role of teachers at home. Step by step activities will be shared through pre recorded audio message on how to conduct Happiness classes and Mission Buniyaad at their homes”, said Shri Manish Sisodia.

“The purpose behind the Happiness curriculum is to make children introspect and get to know themselves better. Mindfulness is practiced by all 16 lakh students everyday in our schools. We are all gripped with anxiety today. These are unusual times and we do not know what to do as a fun activity . We cannot go out, can’t go for movies, or sit in the parks, we are confined to our homes, with our family. In such situations, it is possible to get irritated with one another, and we don’t know how to refresh our minds as we are still restricted to our homes.Under this circumstances, Happiness class is all the more important. The activities of Happiness class would now be conducted at home everyday by the parents. We will support, around 8 lakh students and their families to practise mindful meditation from tomorrow with the help of our teachers. It is important to turn the atmosphere positive in our homes and make the families spend quality time together. “ added Shri Manish Sisodia

The Delhi Govt. has already started Online teaching for Class 11 students (those awaiting results to join class 12) with daily 1.5 hours session conducted online by the Govt school teachers. Besides that, Nursery to class 8 students are being given daily activities via SMS to which IVRS will be added to support Happiness and Reading, writing and numeracy activities from tomorrow.

Talking about the importance of using this lockdown as an opportunity to tutor kids at homes, Shri Binay Bhushan said, “ We had planned to start Mission Buniyaad in April, but this could not happen owing to the lockdown. So we now request the parents to start coaching their kids to make them start reading and writing few lines everyday, and solve basic math problems. This will create a good environment at home. It is also a good way to help tackle boredom if parents start coming up with creative ways to teach their kids. We will help the parents to take on the role of a teacher for their kids.”

Ms Bhavna gave tips on how to practice Mission Buniyad creatively at home. “ -The biggest question that parents have is that they don’t have books at home so how to make their kids study. I am going to give some tips as to how parents can try teaching their kids in a way like playing games and engaging them creatively. They can play shabdo ki antakshari with their kids which will solidify their vocabulary. Or talk about their thoughts and ask their kids on how they are feeling and then ask them to write it down. This will help in writing for kids.”

“Mind mapping is also a very important activity that we did with our kids during Mission Buniyad in school. Picking a word like bazaar – and then asking children what words come to their mind related to bazaar. Then we can ask them to make sentences out of these words. So it is not very important to teach their kids with only books, these activities can be done at home,” she added

The focus in mission buniyad is to strengthen the foundational skills of the children through basic/simple activities through which they can get to learn while playing it too.

Talking about Mindfulness, Ms Neeru Puri, Happiness Mentor Teacher said, “ We introduced the happiness curriculum two years back and it has reaped fruits today. In the turbulent times., parents always complain that kids don’t concentrate but we havent taught them how to. Its a moment of pride for us that we have been teaching our kids to concentrate since the past two years. Going forward, we will send specific activities to parents to conduct the Happiness class at home.


दिल्ली के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए अब घर पर चलेंगी हैप्पीनेस क्लास

  • मिशन बुनियाद और हैप्पीनेस की विशेष कक्षाएं कल से चलेंगी घर पर, 8 लाख बच्चों को होगा फायदा
  • दिल्ली सरकार ने शुरू किया “हर घर स्कूल, हर अभिभावक शिक्षक” नाम से विशेष अभियान
  • सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को प्रतिदिन लिखने, पढ़ने और गणित की समस्याओं के समाधान के साथ-साथ माइंडफुलनेस की आएगी कॉल
  • “इस कठिन समय में दिल्ली के सरकारी स्कूलों की हैप्पीनेस क्लास बनाएगी घर पर सकारात्मक माहौल” – उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली, उप-मुख्यमंत्री और दिल्ली के शिक्षा मंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने ‘पैरेंटिग इन द टाइम ऑफ कोरोना’ का दूसरा लाइव सेशन संबोधित किया। जिसमें देशव्यापी लॉक डाउन के दौरान बच्चों के लिए घरों को अभिभावकों के सहयोग से सीखने के क्लास रूम में बदलने की विषय में चर्चा की गई।

बच्चों के लिए आयोजित लाइव सेशन में दिल्ली के शिक्षा निदेशक श्री विनय भूषण, सुश्री भावना सावानानी जोकि दिल्ली के सरकारी स्कूलों में चल रहे मिशन बुनियाद की मेंटल टीचर हैं और सुश्री नीरु पुरी जोकि हैप्पीनेस मेंटर टीचर हैं वह भी शामिल रहीं। इस संवाद में इस विषय पर चर्चा हुई कि अभिभावक किस तरह एक शिक्षक और मेंटर दोनों की भूमिका अपने बच्चों के लिए घर पर निभा सकते हैं।

इस सत्र में शिक्षा मंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि “कल से आठवीं तक के बच्चों के लिए उनके अभिभावकों की फोन पर दिल्ली के शिक्षा विभाग द्वारा रिकॉर्डिंग कॉल आनी शुरू हो जाएंगी। जिसमें यह बताया जाएगा कि वह किस तरह अपने बच्चों के लिए शिक्षक की भूमिका निभा सकते हैं? धीरे धीरे रिकॉर्डेड कॉल के जरिए विभिन्न गतिविधियां भी अभिभावकों को बताई जाएंगी जोकि उन्हें घर पर ही हैप्पीनेस क्लास और मिशन बुनियाद चलाने की प्रक्रिया समझाने से संबंधित होंगी।

शिक्षा मंत्री श्री मनीष सिसोदिया ने आगे कहा कि “हैप्पीनेस करिकुलम का उद्देश्य यह था कि बच्चे आत्मावलोकन कर सके और स्वयं को बेहतर तरीके से जान सकें। दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 16 लाख बच्चे प्रतिदिन माइंड फुलनेस का अभ्यास करते हैं, आज हम दिन भर तनाव से घिरे हुए हैं। यह एक ऐसा समय है, जब हमें यह नहीं समझ में आता है कि हम किस तरह की उत्साह पूर्ण गतिविधि करें। हम बाहर जा नहीं सकते, फिल्में देख नहीं सकते, पार्क में बैठ नहीं सकते और हम परिवार के साथ घर अपने घर में बंधे हुए हैं, ऐसी परिस्थिति में यह संभव है कि एक दूसरे के साथ थोड़ी सी उलझन हो जाती हो, क्योंकि हम नहीं जानते हैं कि हम अपने दिमाग को इस परिस्थिति में किस तरह रिफ्रेश करें। ऐसे समय में हैप्पीनेस क्लासेज का महत्व और भी बढ़ जाता है। इसलिए अब हैप्पीनेस क्लासेस की गतिविधियां घर पर प्रतिदिन अभिभावकों द्वारा कराई जाएंगी। हम लगभग 8 लाख बच्चों और उनके परिवारों को मेडिटेशन कराने में कल से सहयोग करेंगे। ये एक ऐसा महत्वपूर्ण कदम साबित होगा जो कि घर पर और परिवार के माहौल को सकारात्मक बनाएगा।

दिल्ली सरकार ने 11वीं से 12वीं में जाने वाली बच्चों के लिए डेढ़ घंटे रोजाना की ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था शुरू कर दी है। इसके अलावा नर्सरी से आठवीं तक के बच्चों को प्रतिदिन एस एम एस और आईवीआर कॉल के जरिए गतिविधियां दी जा रही हैं। जिनके साथ अब हैप्पीनेस की गतिविधि भी जोड़ी जाएगी।

इस लॉकडाउन में खाली समय का उपयोग बच्चों के लिए घर पर एक शिक्षक के रूप में करने के विषय और उसके महत्व पर दिल्ली के शिक्षा निदेशक श्री विनय भूषण ने कहा कि “हमने अप्रैल में मिशन बुनियाद चलाने का निर्णय लिया था। लेकिन लॉकडाउन के कारण ऐसा नहीं हो सका। ऐसे में हम अभिभावकों से निवेदन करते हैं कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन कुछ पढ़ने और लिखने और गणित के कुछ साधारण सवाल हल करने के लिए प्रेरित करें। यह एक बेहतरीन रास्ता है जिससे कि घर में बच्चों की बोरियत को खत्म किया जा सकता है। और साथ-साथ क्रियात्मक तरीके से शिक्षा दी जा सकती है और इस पूरी प्रक्रिया में हम अभिभावकों का सहयोग करेंगे।

इस लाइव सेशन के दौरान ही सुश्री भावना ने बच्चों और अभिभावकों को मिशन बुनियाद से जुड़ी हुई गतिविधियां आयोजित करने के लिए भी टिप्स दी। उन्होंने कहा कि “अभिभावकों के सामने जो सबसे बड़ा प्रश्न है, वह यह है कि बच्चों के पास किताबें नहीं ह, तो वह कैसे बच्चों को घर पर पढ़ाएंगे? मैं अभी अभिभावकों को कुछ गतिविधियां बताती हूं। जिससे कि वे अपने बच्चों को पढ़ाने में सहयोग कर पाएंगे, जैसे कि वे अपने बच्चों के साथ शब्दों की अंताक्षरी खेल सकते हैं। जिससे कि उनका शब्दकोश मजबूत होगा या फिर अभिभावक अपने बच्चों से उनके दिमाग में चल रही सोच पर चर्चा कर सकते हैं। यह समझने की कोशिश करें और लिखवाने की भी कोशिश करें कि बच्चा कैसा महसूस कर रहा है? इन सब गतिविधियों से बच्चों के लिखने की क्षमता बेहतर होगी।

आगे उन्होंने कहा कि मिशन बुनियाद में माइंड मैपिंग की भी एक महत्वपूर्ण गतिविधि होती है। इसके अंतर्गत हम एक शब्द का चयन करते हैं। मान लीजिए वह ‘बाजार’ है तो अब बच्चों को बाजार से जुड़े हुए जो भी शब्द अपने दिमाग में आते हैं वह बताने हैं और उनसे जुड़े हुए वाक्य बनाने हैं। इसलिए यह जरूरी नहीं है कि बच्चों के पास सीखने के लिए अपने घर पर किताबें हों।

मिशन बुनियाद का मूल उद्देश्य बच्चों की आधारभूत क्षमता को बढ़ाना है।जिससे कि वे सामान्य गतिविधियां कर सकें और इन गतिविधियों के सहारे भी कुछ सीख सकें।

माइंड फुलनेस सेशन के बारे में बात करते हुए सुश्री नीरु पुरी जोकि हैप्पीनेस की मेंटर टीचर हैं। उन्होंने बताया कि हमने 2 साल पहले हैप्पीनेस करिकुलम की शुरुआत की थी, जिसका फल आज हमें मिल रहा है। इस संकट के दौर में पैरेन्ट्स पहले हमेशा यह शिकायत करते थे कि बच्चे अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं केंद्रित कर पा रहे हैं। लेकिन हमने उन्हें यह सिखा दिया है कि वह ऐसा कैसे कर सकते हैं। यह हम सभी के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है। अब हमें आगे बढ़ते हुए बच्चों के अभिभावकों के साथ कुछ ऐसी गतिविधियां साझा करनी होगी जिससे कि वह घर पर ही हैप्पीनेस क्लासेस आयोजित कर सकें।